महंगाई से मिलेगी राहत ! सितंबर से सस्ते हो जाएंगे चावल, गेहूं, दाल और सब्जियां

खाद्य पदार्थों की कीमत में बंपर तेजी आई है. खास कर चावल की कीमत अपने 14 वर्षो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।  इससे जनता का बजट बिगड़ गया है।

Food inflation : बरसात के आगमन के साथ ही देश में खाने- पीने की चीजें महंगी हो जातली हैं। चावल, गेहूं, दाल और हरी सब्जियों की कीमतों में आग लग गई है। 20 से 30 रुपये किलो मिलने वाला टमाटर जुलाई आते- आते में 250 रुपये किलो के पार पहुंच गया।  इसी तरह की हरी सब्जियां भी कई गुना अधिक महंगी हो गईं, यही वजह है कि जुलाई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो कि जून में मानसून आने से पहले 4.81 फीसदी दर्ज की गई थी।  खास बात यह है कि गेहूं के साथ चावल भी महंगा हो गया है. हालांकि, केंद्र सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बहुत कोशिश कर रही है, इसके बावजूद भी महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले टमाटर की कीमत में 363.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, देश के कई शहरों में टमाटर 350 रुपये किलो पहुंच गया था,  हालांकि, केंद्र सरकार ने टमाटर की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए खुद ही टमाटर बेचना शुरू कर दिया। पहले सरकार ने 90 रुपये किलो टमाटर बेचना शुरू किया था,  इसके बाद 80 रुपये किलो और फिर 70 रुपये किलो बेचने लगी. अब केंद्र सरकार 40 रुपये किलो टमाटर बेच रही है. सरकार के इस कदम से टमाटर के रेट में गिरावट तो आई है. अब रिटेल मार्केट में टमाटर 60 से 80 रुपये किलो हो गया है।

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बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लगेगा

इस तरह गेहूं की कीमत में भी 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे आटे की कीमत पर असर पड़ा है, जिसकी वजह से खाने- पीने की चीजें महंगी हो गई हैं. लेकिन, केंद्र सरकार ने गेहूं की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए रूस से गेहूं खरीदने पर विचार कर रही है। कहा जा रहा है कि सरकार रूस से 80 से 90 लाख टन गेहू का निर्यात कर सकती है. सरकार को उम्मीद है कि इससे गेहूं की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लगेगा।

14 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है

इसी तरह केंद्र सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए गैर बासमती चावल के निर्यात पर बैन लगा दिया। हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद भी कीमतों में अभी तक गिरावट नहीं आई है। इसी तरह अब टमाटर के बाद अब प्याज भी महंगा हो गया है. कई शहरों में यह 35 से 40 रुपये किलो बिक रहा है. जबकि कुछ दिन पहले तक इसका रेट 20 रुपये किलो ही था. कहा जा रहा है कि सितंबर से प्याज 70 से 80 रुपये किलो हो जाएगा।

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25 रुपये किलो की दर से प्याज बेच रही है

लेकिन इस बार सरकार पहले ही सतर्क हो गई है, उसने प्याज के निर्यात पर 40 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगा दी है. साथ ही बफर स्टॉक से 3 लाख टन प्याज जारी करने का आदेश दिया है, इसके अलावा वह देश के कई शहरों में खुद 25 रुपये किलो की दर से प्याज बेच रही है। साथ महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने गैर-बासमती चावल के निर्यात पर बैन लगा दिया है. इसके अलावा चीनी के निर्यात पर भी बैन लगा हुआ है. वहीं, केंद्र ने दाल और तिलहनों के आयात की अनुमति दे दी है. ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि अगले महीने से खाद्य पदार्थों की कीमत में गिरावट आ सकती है।

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