ISRO कर रहा मंगल-शुक्रयान और NISAR की तैयारी, देखे पूरी खबर..

Space Mission:- चांद पर मिली सफलता के बाद अब इसरो अपने पहले सूर्य मिशन आदित्य एल-1 को सितंबर के पहले सप्ताह में लांच कर सकता है. इसके बाद मंगलयान, शुक्रयान, गगनयान जैसे कई मिशन कतार में हैं। चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग के बाद चंद्रयान-3 का रोवर प्रज्ञान अपने मिशन पर निकल चुका है, चांद की धरातल पर मूवमेंट के साथ ही चंद्रमा की सतह से जानकारियां जुटाकर इसरो तक भेज रहा है, वैज्ञानिकों की पूरी टीम इस पर नजर रख रही है। इसके साथ ही इसरो ने अगले मिशनों की तैयारी भी शुरू कर दी है, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो चांद फतह करने के बाद अब अपने पहले सूर्य मिशन आदित्य-एल1 लांच करने की तैयारी में जुट गया है। सितंबर में पहले सप्ताह में इसकी लांचिंग है। इसके अलावा मंगलयान-2, गगनयान, शुक्रयान और निसार की तैयारी भी शुरू कर दी है।

1- आदित्य एल-1
ISRO ने हाल ही में 14 अगस्त को आदित्य-एल1 मिशन लांच करने का ऐलान किया था. यह सूर्य की ऑर्बिट तक जाएगा जो अपने साथ सात पेलोड ले जाएगा. इसमें से चार पेलोड सूर्य के बारे में जानकारी जुटाएगा, बाकी तीन पेलोड ऑर्बिट के बारे में जानकारी जुटाकर इसरो को भेजेंगे. इसमें कोरोनल हीटिंग, कोरोनल मास इंजेक्शन आदि महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी.


2- गगनयान
ISRO गगनयान मिशन पर भी लगातार काम कर रहा है, यह भारत का पहला मानव मिशन है, हाल ही में इसरो ने अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के मिशन की टेस्टिंग की थी. पहले इसे 2022 में ही लांच होना था, लेकिन कोरोना की वजह से देरी होने के कारण मिशन में देरी हुई, यह भारत का बहुत ही महत्वाकांक्षी मिशन है.


3- मंगलयान-2
मंगलयान-1 की सफलता से उत्साहित ISRO ने अपने अगले मंगल मिशन मंगलयान-2 पर भी काम शुरू कर दिया है. इसे अगले साल लांच किया जा सकता है. जो मंगल के ऑर्बिट तक जाएगा. हाल ही में यूआर राव सैटेलाइट सेंटर के निदेशक एम शंकरन ने इसकी पुष्टि की थी. उन्होंने कहा था कि हम लगातार अध्ययन कर रहे हैं और सभी विकल्पों पर विचार कर मिशन को अंजाम देने में जुटे हैं.


4- NISAR सैटेलाइट
यह NASA और ISRO का संयुक्त मिशन है, जो धरती की ऑर्बिट में एक ऐसा सैटेलाइट प्रक्षेपित करेगी जो महज 12 दिन में ही पूरी दुनिया का मानचित्र तैयार करेगा! यह समुद्र स्तर में बढ़ोतरी, बर्फ की द्रव्यमान स्थिति, वनस्पति, बायोमास, ज्वालामुखी, भूकंप और सुनामी जैसे खतरों को समझने में मदद करेगा. यह मिशन अगले साल जनवरी में लांच हो सकता है.


5- शुक्रयान
ISRO जल्द ही शुक्रयान-1 भी लांच करेगा. हाल ही में इसरो वैज्ञानिक पी श्री कुमार ने इसकी पुष्टि की थी। यह मिशन भी अगले वर्ष के अंत में लांच किया जा सकता है. यदि यह मिशन 2024 में लांच नहीं किया जा सका तो ISRO को अगले दो वर्ष इंतजार करना होगा और 2026 या 2028 तक इसे अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।

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