Shraddha Murder Case: एक बार श्रद्धा के आंसू देखकर आफताब ने बदला था मर्डर का इरादा, घर वालों के लिए था ‘प्लान B’ …

Shraddha Murder Case: श्रद्धा हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि अगर श्रद्धा वाकर इमोशनल नहीं होती तो हत्या से डेढ़ हफ्ते पहले (यानी 18 मई) आफताब श्रद्धा की जान ले लेता। हत्या के करीब 10 दिन पहले आफताब और श्रद्धा का झगड़ा हुआ था, आफताब उसी दिन उसका गला दबाना चाहता था, लेकिन अचानक श्रद्धा भावुक हो गई और रोने लगी, यह देखकर आफताब के कदम पीछे हट गए.

श्रद्धा और आफताब के बीच झगड़े की वजह आफताब का फोन पर किसी और से बात करना था। आफताब के व्यवहार में अचानक परिवर्तन आ गया। श्रद्धा को लगने लगा था कि आफताब उन्हें धोखा देने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए उन्हें बहुत गुस्सा आता था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आफताब के लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है. आफताब ने श्रद्धा का सिर धड़ से अलग कर उसे लपेट कर फ्रिज में अलग रख दिया था. सूत्रों के मुताबिक वह रोज फ्रिज में रखकर श्रद्धा का सिर देखा करते थे। जो हड्डियां बरामद हुई हैं वह शरीर के पिछले हिस्से की हैं। रीढ़ के निचले हिस्से की तरह। शरीर के करीब 10 हिस्से मिले हैं। रीढ़ की हड्डी के नीचे पिछले हिस्से का बड़ा हिस्सा मिला है। घर के किचन में खून के धब्बे मिले हैं।

दिल्ली पुलिस जल्द ही श्रद्धा के पिता को अस्पताल ले जाएगी। डीएनए सैंपल के लिए उसका खून लिया जाएगा। उसके बाद खून व हड्डी के सैंपल व खून के धब्बे एफएसएल भेजे जाएंगे। एफएसएल ही करेगी डीएनए जांच पुलिस सूत्रों ने बताया कि घर से कई अंग्रेजी किताबें मिली हैं। इससे पता चलता है कि आफताब को पढ़ने का शौक है।

श्रद्धा और आफताब ने मुंबई से हिल स्टेशन घूमने का प्लान बनाया था। दोनों एक महीने के टूर पर हिल स्टेशन घूमने गए थे। मार्च-अप्रैल के महीने में श्रद्धा और आफताब हिल स्टेशन पर घूम रहे थे. हिमाचल घूमने के दौरान आफताब की मुलाकात दिल्ली के छतरपुर के लड़के बद्री से हुई। इसके बाद ही श्रद्धा और आफताब ने दिल्ली में रहने का प्लान बनाया।

श्रद्धा और आफताब 8 मई को दिल्ली आए थे। पहले पहाड़गंज के होटल में रुके। उसके बाद दक्षिणी दिल्ली के सैदुल्लाजब इलाके में रहे। बाद में 15 मई को दोनों ने छतरपुर में फ्लैट ले लिया और 18 मई को आफताब ने श्रद्धा की हत्या कर दी.