Pandit Pradeep Mishra : आज आएंगे पंडित प्रदीप मिश्रा, कल से शुरू होगी शिवपुराण कथा, आयोजन की तैयारियां अंतिम चरणों में

बैतूल। बैतूल में विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा 12 दिसंबर से शुरू हो रही है। पंडित मिश्रा 11 दिसंबर को बैतूल पहुंच जाएंगे। उनके बैतूल आगमन पर आयोजन समिति द्वारा उनका भव्य और गरिमामय स्वागत किया जाएगा। इस विराट आयोजन की तैयारियां अंतिम चरणों में हैं।

मां ताप्ती शिवपुराण समिति के सहसंयोजक व्दय आशू किलेदार ने बताया कि बैतूल के कोसमी फोरलेन स्थित किलेदार गार्डन में मां ताप्ती शिवपुराण कथा का आयोजन 12 से 18 दिसंबर तक किया जा रहा है। इस आयोजन की पिछले कई दिनों से युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। अधिकांश तैयारियां हो चुकी हैं वहीं शेष लगभग पूरी होने को हैं। बचे हुए कार्यों को अब प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आयोजन स्थल पर रात-दिन कार्य चल रहा है

सोमवार 12 दिसंबर को दोपहर 1 से 4 बजे तक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से कथा प्रारंभ हो जाएगी। इसके लिए पंडित मिश्रा और उनकी टीम का एक दिन पहले रविवार को ही आगमन हो जाएगा। बैतूल आगमन पर आयोजन समिति और गणमान्य नागरिकों द्वारा उनका गरिमामय स्वागत किया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके निवास पर पहुंचाया जाएगा। सुरक्षा कारणों से उनके निवास की जानकारी गुप्त रखी गई है।

आयोजन स्थल पर डोम और पंडाल लगाने का काम पूरा हो चुका है। वहीं बेरिकेडिंग का कार्य भी लगभग पूरा होने को है। मंच और व्यास पीठ का तैयार की जा चुकी है। मंच के पीछे का बैकग्राउंड ताप्तीमय दिखाई देगा। इसके लिए माँ ताप्ती की प्रतिमा, सरोवर सहित मंदिरों के चित्रों का फ्लैक्स लगाया जा रहा है। नरसिंहपुर से आई सोम आर्ट डेकोरेशन की टीम मंच का बैकग्राउंड तैयार कर रही है।

मिस्ड कॉल से मिलेगी कथा की लोकेशन

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कथा स्थल तलाशने में असुविधा न हो, इसके मद्देनजर आयोजन समिति ने आसान व्यवस्था की है। समिति ने श्री शिव महापुराण कथा के लिए एक नंबर 02240375746 जारी किया है। इस नंबर पर मिस्ड कॉल करने पर कथा स्थल और कार्यक्रम से संबंधित जानकारी व्हाट्सएप कर दी जाएगी। जानकारी में कथा स्थल का लोकेशन और इसके अलावा अन्य जो कार्यक्रम प्रतिदिन किए जाएंगे, उसका भी ब्यौरा रहेगा।

बच्चों को लाने पर बरते यह सावधानी

कथा में हजारों की तादाद में एक साथ श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में बच्चों को साथ लाने पर विशेष सावधानी बरतना होगा। आयोजन समिति ने सलाह दी है कि छोटे बच्चों के गले में एक आई कार्ड जरूर लटकाए रखें, जिसमें सभी आवश्यक जानकारी हो या फिर जानकारी वाला स्लिप उनकी जेब में डाल दें। इससे बच्चों के खोने पर उन्हें परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा महिलाएं सोने के गहनों का भी विशेष ध्यान रखें, बेहतर होगा कि कम से कम गहने पहनकर आएं।