IAS Success Story: बेटे की पढ़ाई के लिए पिता ने बेची जमीन; बेटा UPSC परीक्षा पास कर बना IAS अफसर

IAS Success Story: बिहार के गोपालगंज के रहने वाले प्रदीप सिंह यूपीएससी की परीक्षा पास कर साल 2020 में महज 23 साल की उम्र में आईएएस अफसर बने। हालांकि, इस मुकाम को हासिल करने के लिए उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में कई प्रयास किए। प्रदीप सिंह के लिए सब कुछ आसान नहीं था क्योंकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। प्रदीप की शिक्षा के लिए उनके पिता को अपना पुश्तैनी घर तक बेचना पड़ा था। आईएएस प्रदीप सिंह के पिता ने पढ़ाई, दिल्ली आने-जाने और अन्य छोटे-मोटे खर्चों के लिए अपने दादा-परदादा की गांव में जमीन भी बेच दी थी।

बेटे की पढ़ाई के लिए पिता ने बेची जमीन

आईएएस अधिकारी प्रदीप ने अपनी पढ़ाई में कड़ी मेहनत की और अपने परिवार का समर्थन करने के लिए 2018 यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन किया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2018 को पहले ही प्रयास में पास करने के बाद मेरिट सूची के आधार पर प्रदीप को आईआरएस अधिकारी बनने के लिए चुना गया था। उनका IAS अधिकारी बनने का लक्ष्य अभी भी अधूरा था, इसलिए उन्होंने 2019 में फिर से UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी और इसे पास कर लिया। ऑल इंडिया रैंक 26 अर्जित की और 23 साल की छोटी उम्र में आईएएस अधिकारी बन गए।

ग्रेजुएशन के बाद ही यूपीएससी की तैयारी शुरू की

प्रदीप सिंह ने इंदौर के स्कूल में पढ़ाई की और उसके बाद बी कॉम (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके परिवार में, उनकी माँ एक गृहिणी हैं और उनके पिता एक गैस स्टेशन पर काम करते हैं। प्रदीप का बड़ा भाई एक निजी कंपनी में काम करता है। ग्रेजुएशन के तुरंत बाद, प्रदीप ने यूपीएससी सिविल परीक्षा में बैठने का फैसला किया। प्रदीप के पिता को अपने बेटे पर भरोसा था और उन्होंने दिल्ली में कॉलेज जाने के लिए प्रदीप को पैसे देने के लिए अपना घर तक बेच दिया था। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को पास करना आसान नहीं है, जिसे पूरा कर उन्होंने साबित कर दिया।