ISRO के अंतरिक्ष मिशन PhD को लेकर छात्रों में उत्सुकता, पढ़े पूरी खबर

IIT Kanpur – IIT कानपुर के स्पेस विभाग की यह पहल छात्रों को एक नई दिशा देने के लिए की जा रही है। इसमें आईआईटी के छात्र ISRO के विभिन्न मिशनों पर शोध कर सकेंगे। ISRO के चंद्रयान 3 के सफलता के बाद मिशन के पहलुओं की गंभीरता तकनीकी , वैज्ञानिक पहलू की बारीकियों से जुड़ा कोर्स लॉन्च होने वाला है। स्पेश मिशन पर रिसर्च IIT कानपुर के छात्र जल्द ही पीएचडी के साथ कर सकेंगे। देश का नामी ग्रामी उच्च शिक्षा संस्थान आईआईटी कानपुर जल्द ही स्पेस से जुड़े विषयों पर PhD कोर्स तैयार कर शोध कराएगा। इस कोर्स के लिए फ्रेमवर्क चंद्रयान मिशन 3 की सफलता के साथ शुरू हो गई है। संस्थान के आने वाले नये सत्र में इसे शामिल किया जा सकता है। चंद्रयान मिशन 3 की सफलता को लेकर IIT Kanpur के स्पेस विभाग के प्रोफेसर मानते हैं की इसरो के स्पेस मिशन पीएचडी को लेकर छात्रों में भी उत्सुकता है।

चंद्रयान 3 की सफलता के बाद IIT कानपुर का बड़ा फैसला, स्पेस मिशन में कर  सकेंगे PhD | IIT Kanpur Launched Phd in Space Mission Course after Chandrayaan  3 Success stw | TV9 Bharatvarsh

क्या-क्या सीख सकेंगे?

चंद्रयान मिशन 1, चंद्रयान मिशन 2 के सफल और असफल होने के पीछे क्या कारण रहें, साथ ही इन मिशनों के दौरान हमारे वैज्ञानिक किस तकनीकी का प्रयोग किया गया यह सब आईआईटी के स्पेस प्लेनेटरी एंड एस्ट्रोनॉमिकल साइंसेज एंड इंजियनरिंग विभाग के जिम्मेदारों के हाथ में होगा। सभी पहलुओं को मद्देनजर इस विषय पर पीएचडी कोर्स तैयार करने का निर्णय लिया है।

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आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर चाहते हैं की इन मिशन के बारे में छात्र जानने को उत्षुक हैं। विभाग के प्रोफेसर अमितेश ओमर की मानें तो आईआईटी ने एक साल पहले स्पेस प्लेनेटरी एंड एस्ट्रोनॉमिकल साइंसेज एंड इंजियनरिंग विभाग की शुरुआत की थी। इसमें अभी छात्र एम टेक और पीएचडी कर रहें हैं।

प्रोफेसर ने बताया की अब विभाग में चंद्रयान के अलावा स्पेस के मिशन पर भी शोध शोधार्थी कर सकेंगे। उन्होंने बताया की विभाग का मूल उद्देश्य स्पेस के मिशनों पर शोध करना ही है। स्पेस मिशनों में आने वाले डाटा का भी प्रयोग शोध में उपयोग किया जाएगा, जिसमें तकनीकी के साथ ही वैज्ञानिक पहलुओं दोनों को शामिल किया जाएगा।

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