Betul Samachar:- चंद्रभागा नदी पर हुआ नवनिर्मित घाट निर्माण इस वर्ष नही होगी घट विसर्जन,मूर्ति विसर्जन में परेशानी

बैतूल टॉक्स/ सुमित महतकर आमला। नगर की चंद्रभागा नदी जो की शहर में घट विसर्जन ,मूर्ति विसर्जन के लिए प्रसिद्ध नदी माने जाने पर एक है । बताया जाता हैं की यह चंद्रभागा नदी का उदगम स्थल मुवाड़ है । ग्राम मुवाड़ से निकलकर वायुसेना ,मोक्षधाम से होकर शहर के रतेड़ा रोड के बीचों बीच से बहते हुए जाति है जो की नगरवासियों के लिए एक सुविधायुक्त नदी मानी जाती हैं।परंतु इस नदी पर महिलाए जो की घर के कपड़े धोने भी आती थी तथा त्योहारों पर भुजलिया, तीजा व्रत घट विसर्जन, मूर्ति विसर्जन करने आते है लेकिन उन्हे नदी में पूजा अर्चना करने व घट विसर्जन, मूर्ति विसर्जन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था । इस वर्ष आने वाले त्योहार भुजलियां , तीज,गणेश विसर्जन,दुर्गा माता की प्रतिमा विसर्जन में नहीं होगी कोई परेशानी । मिली जानकारी के अनुसार पंडालों में बिठालने वाली समितियो ने बताया कि गणेश विसर्जन देवी विसर्जन पर काफी वजनी मूर्तियों को लेकर हमे पुलिया से काफी नीचे उतरना पड़ता था जिससे की मूर्ति विसर्जन में पुलिया से नीचे उतरने में डर लगता था और तो और होता था कीचड़ जिसमे गिरने का डर बना हुआ होता था गौतलब हैं की नगर के रामली मार्ग स्थित बेल नदी बांध पर भी न पा द्वारा मूर्ति विसर्जन के लिए उचित व्यवस्था बनाई जानी चाहिए रात्रि में लाइट की उचित व्यवस्था नहीं होने पर विसर्जन करने पर दिक्कत होती है । नगर पालिका के टाइम किपर गणेश हारोड़े ने बताया कि नगर पालिका निधि से यह घाट का नवनिर्मित निर्माण किया गया करीब 6 लाख राशि की लागत से बना यह घाट जिस पर 5 सिडिया 2 से 3 मीटर की है जिस पर बड़ी मूर्तियां भी आसानी से रख सकते है तथा रात्रि में होती मूर्ति विसर्जन के लिए एल ई डी के 6 लाइटों की भी व्यवस्था की गई है

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